स्नेह वंदन प्रातःअभिनंदन 🙏सुप्रभातम🙏 Happy Father's Day पिता एक उम्मीद है एक आश है परिवार की हिम्मत और विश्वास है। बाहर से सख्त पर अंदर से नर्म है उसके दिल में दफ़न कई मर्म हैं। पिता संघर्ष की आँधियों में रक्षा की दीवार है परेशानियों से लड़ने की दोधारी तलवार है। बचपन में खुश करने वाला खिलौना है नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है। पिता जुम्मेदारियों से लदी गाड़ी का सारथी है पिता बराबर का हक़ दिलाने वाला महारथी है। सपनों को पूरा करने में लगाने वाली जान है पिता से ही माँ और बच्चों की पहचान है। पिता ज़मीर है जागीर हैजीवित भगवान है दुनिया के हर पिता को मेरा शत-शत प्रणाम है। पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाओ सहित🙏
अनकहीं जिंदगी जिंदगी कभी पतझड़ तो कभी बहार है तू। चंद लम्हो की , अन कही किताब है तू मैंने पढ़ना चाहा है पर मेरी समझ से बहार है तू जिंदगी कही अल्हड़ , तो कभी शांत है तू। बारिश की बूंदो की धार को , मैंने पीना चाहा। पर जीवन की ख़ाली प्यास है तू जिंदगी कभी पहाड़ तो कभी समतल है तू तृष्णा की बनी नाव में बैठना चाहा तो पर, टूटने के दर से किनारे पर खड़ी नाव है तू जिंदगी अनकहीं जिंदगी जिंदगी कभी पतझड़ तो कभी बहार है तू। रचित : कमल कुमार "आज़ाद "